#ज़िंदगी, #hindi monologue जिंदगी और उलझन : सावन भूख प्यास का पता नहीं, शायद तबियत खराब है या फिर फिर मन परेशान है समझ नही आ रहा पर कुछ तो है जिसकी वजह से ऐसी हालत हुई है। ज़िंदगी वो रहस्यमई पुड़िया 27 मार्च शेयर करें
#Life पतंग ; आज़ादी के मायने और उसकी बंदिशें ज़िंदगी पतंग की भाँति थी। और मैं नासमझ आसमान की उस पतंग सी। जो उस ड़ोर से छूटना चाहती थी। मुझे वो डोर बेड़ियों से भी ज्यादा चुभने लगी थी। हर पल लगता था क 02 सितंबर शेयर करें