#ग़ज़ल - Ghazal, #हिन्दी कविता लोग हर मोड़ पर रुक रुक के संभलते क्यों है लोग हर मोड़ पर रुक-रुक के संभलते क्यों है, इतना डरते है तो फिर घर से निकलते क्यों है मैं ना जुगनू हूँ दिया हूँ ना कोई तारा हूँ रौशनी वाले मेरे नाम से ज 27 जनवरी शेयर करें
#एहसास, #कविता जिन सवालों का वजह मै कभी था ही नही, अक्सर मै अब उन सवालों से बचने लगा हूँ - सावन जिन सवालों का वजह मै कभी था ही नही अक्सर मै अब उन सवालों से बचने लगा हूँ जीस भीड ने हमे दरिंदा बनाया अब उस नकाबपोश भरी भीड़ से डरने लगा हूँ इन उजालों मे 18 अप्रैल शेयर करें
#ग़ज़ल - Ghazal Ghazal - गजल Ghazal - गज़ल तुम्हे है मुहब्बत तो इजहार करो, मै खुदा नही जो तुम्हारी हर इबादत सुन सकु, तुम्हे है चाहत तो तुम, उसे कबूल करों, मै तुम्हारा हूँ ये तुम म 07 सितंबर शेयर करें
#ग़ज़ल - Ghazal ग़ज़ल - Ghazal ग़ज़ल - यू जो विराने दिल मे इश्कबाज़ी की आग लगा रहे हो, कर रहे हो भुल तुम, वीरानी इमारत को सजा रहे हो, देखे कई, हमने बसंत मुहब्बत के, अपनी जिंदगानी मे, 01 सितंबर शेयर करें