#कविता, #नज़्म शिद्दत से तलाश है हमें : सावन शिद्दत से तलाश है सुकून की मुद्दत से एक नींद मयस्सर नहीं हुआ हम सबके हिस्से में आए ‘सावन’ और मेरा, कोई ख्वाब तक में हिस्सा ना बना जरूरत भर लोगो ने किया इ 26 मार्च शेयर करें
#कविता, #नज़्म कई शाम के बाद एक सहर आया : सावन कई शाम के बाद एक सहर आया जब जिंदगी में वो आया तो फिर एक मोड आया जमाने भर का सितम हम भूल गए जैसे जो उसने आसमां भर की खुशियों का मोल लाया अब जरूरत है उन ख 20 फ़रवरी शेयर करें
#कविता, #नज़्म मै और मेरा सुकून : सावन सुकून तब भी है जिंदगी में साकी! जब कोई साथ नहीं है मेरे, पर शर्त ये है मेरा की तू मुझे मेरे हाल पे छोड़ दे। मुझे तुझसे कोई उम्मीद नहीं तू भी मुझसे कोई रा 14 दिसंबर शेयर करें
#कविता, #नज़्म दिसंबर की दस्तक कुछ रोज़ बाद बीत जाएगा दिसंबर, फिर इसका कोई नामो-निशान नहीं होगा। अगले साल के आने की खुशियाँ यूँ छा जाएँगी, कि गुजरते वर्ष को पूछने वाला कोई इंसान 05 दिसंबर शेयर करें
#2025, #कविता मै और ये दिसम्बर आसान है क्या दिसम्बर होना…? अपने हिस्से का इंतज़ार करना, धीरे-धीरे सबको गुजरते देखना, और फिर अपने समय का शुरू होना। नए साल के दहलीज पे खड़ा हो के पिछले मही 03 दिसंबर शेयर करें
#कविता, #hindi दुनियां बड़ी है मैं उसमें कहीं खो जाऊंगा : सावन वो आवाज़ मेरे लिए होगा तो मैं आऊंगा वर्ना दुनिया बड़ी है मैं उसमें खो जाऊंगा यादों की झरोखे में ये याद भी समेटे जाऊंगा कुछ पल साथ चला था तेरे ये कभी नहीं 02 अक्टूबर शेयर करें
#कविता, #नज़्म मेरा आगे बढ़ जाना वाजिब है : सावन अब उनके लिए मेरा कोई आख़िरी भी पैगाम नही है, गए जो छोड़ साथ मेरा, इसका अब अफ़सोस नहीं है अब जो याद आते हैं हमें वो, तो वजह है उनकी बेवफाई, वरना सच कहूं त 24 सितंबर शेयर करें
#कविता, #नज़्म सब ठीक है : सावन चल रहें है साथ तो समझो की सब ठीक है, दिख रहे है, हम जो तुम्हारे सामने तो सब ठीक है, गर जो सांस लेना ही है सब ठीक होना तो हम ठीक है किसी तरह जिंदगी को जी 20 सितंबर शेयर करें
#इश्क़, #कविता जिसे छोड़ के जाना था उसे मनाऊ कैसे : सावन तुम्हे, अपने दिल का हाल बताऊं कैसे जिसे छोड के जाना था उसे मनाऊ कैसे हममें दिखाता कभी उनको अपना प्यार आज जो हममे दिख रहा उनको बेवफा इस शक को उनके जेहन स 11 अक्टूबर शेयर करें
#कविता, #नज़्म जब बात उठेगी तो दूर तक जायेगी : सावन जब बात उठेगी तो दूर तक जायेगी अभी हम है जद मे इसके और, और भी है जिनकें तक आँच जायेंगी हमने जमाने भर से अदावत मोल ली है हमें ये और क्या दर्द पहुँचायेंगी 06 अक्टूबर शेयर करें
#इश्क़, #कविता चलो अपनी कहानी तुम्हें थोडा सुनाया जाय : सावन चलों अपनी कहानी तुम्हे थोडा सुनाया जाय ये इश्क़ का इल्म थोडा तुम्हे भी कराया जाय ये इश्क़ मुहब्बत की जाती नहीं बस हो जाती है जरूरी है की इससे थोडा खुद क 17 सितंबर शेयर करें
#इश्क़, #कविता मैने बदलते इश्क़ और जज़्बात को देखा :सावन सावन सावन करा शिद्दत से मुहब्बत मैने और फिर इश्क़ को अपने हिस्से मे मांग के देखा मिला नहीं जो मुकम्मल इश्क मेरा तो मैने, उसका शिद्दत से इंतज़ार कर के देख 30 अगस्त शेयर करें
#इश्क़, #कविता मेरे लिए वो मेरी पुरी दुनियां होगी : सावन थोडी सी बेबाकी है उसमे, गलत नही है ये होना उसमे, मेरे जो ज़िन्दगी की हिस्सा होगी, थोडी चंचलता तो होगी उसमे, जो छीन लूँ उसको उससे, तो क्या उसमे पहली वाल 29 अगस्त शेयर करें
#कविता, #शायरी तन्हाई मे जीये जा रहे है : सावन सफ़र मे मिलते है बिछडते है लोग हमसे, यूँ ही हम आज कल तन्हाई मे जीये जा रहे है किस्से कहानियों से दिल अब भर चुका है हमारा हम तो बस अपने सफर का मजा लिये ज 23 जून शेयर करें
#कविता, #नज़्म बस यूँ ही अभी अभी... : सावन बस यूँही अभी अभी....... हम कभी अपनो से या कभी हालातों से परेशान रहते है सब ठीक हो जायेगा एक दिन, यही रोज खुद से कहते है दिखती नहीं कोई आशा फिर भी रख हौस 12 मई शेयर करें
#कविता, #नज़्म नसीहत : सावन तुम्हे इल्म नहीं की हम किस हालातों से गुजर रहे है जिम्मेदारी, इश्क़ और ख़्वाब इनके बीच जूझ रहे है तुम्हे आसान लगता है मेरी ज़िन्दगी और मेरा किरदार दर ह 07 मई शेयर करें
#कविता, #नज़्म अजीब हालात के बीच फंसा हुआ हूँ मै : सावन अजीब हालात के बीच फंसा हुआ हूँ मै न जाने किस चौराहे पे खडा हुआ हूँ मै बडी कशमकश मे गुज़र रही ज़िन्दगी मेरी सोचता हूँ ये इश्क़ भला क्यो किया हूँ मै छोड जान 29 अप्रैल शेयर करें
#कविता, #नज़्म फुर्सत में हम बात करते है : सावन चलो आज फिर बैठ, फुर्सत मे हम बात करते है, एक दूसरे के दिये दर्दो, का हम हिसाब करते है अपने खुद के गुस्ताख़ीयों का, हम इकबाल करते है चलो आज फिर बैठ, फुर्सत 30 मार्च शेयर करें
#कविता, #नज़्म मै थोडा आदती हूँ : सावन मै थोडा आदती हूँ, आदतन तुम्हे याद करता हूँ मतलब ये नहीं की तुमको अब भी प्यार करता हूँ कभी याद आते है तुम्हारे दिये हर जख़्म मुझकों कभी मै अपनी नासमझीय 10 मार्च शेयर करें
#कविता, #नज़्म गुजर तो जायेगी ये ज़िन्दगी : साभार "गुजर तो जायेगी ये ज़िंदगी बेवजह भी, मगर ज़िंदा रहने के लिए कोई बहाना चाहिए.. सफ़र चाहे कितना भी खूबसूरत हो, हर राह के मुसाफिर को एक ठिकाना चाहिए.. लाख 08 मार्च शेयर करें