चल आज फिर फ़ुर्सत में बात करते हैं,ग़मो से दो-चार हाथ करते हैं। लेखक:Verma RaviPosted at10 अक्टूबर चल आज फिर फ़ुर्सत में बात करते हैं,ग़मो से दो-चार हाथ करते हैं। कुछ तेरी तो कुछ मेरी,चल बात करते हैं। टिप्पणियाँ
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