चल आज फिर फ़ुर्सत में बात करते हैं,ग़मो से दो-चार हाथ करते हैं।

चल आज फिर फ़ुर्सत में बात करते हैं,
ग़मो से दो-चार हाथ करते हैं।
कुछ तेरी तो कुछ मेरी,
चल बात करते हैं।

टिप्पणियाँ

Advertisement

Contact Us

भेजें