मै और मेरे हालत : सावन
एक नज़्म है कि
हम गलत थे इस बात का हमें इल्म है ‘सावन’
जिसका खमियाजा भी हमें भुगतना होगा
पर मसला इस बात का था कि तुमने भी हमारे हालात पे
हमें सहारा देना बिल्कुल ही मुनासिब नहीं समझा
सोचो! तुम्हारी फितरत जानते हुए भी तुमसे याचना किया हमने
कुछ तो बात रही होगी जो खुद के ही फैसले के खिलाफ़ गया मैने।
हालात ए दस्तूर ने अब बस हमें यहीं सबक सिखाया है
जो साथ है वो अपना है बाकी जो खिलाफ है वो पराया है।
© सावन
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