फ़रेब है सब : सावन
किसी के मासूमियत पे ना जाओ सावन
अक्सर फ़रेबी चेहरे मासूम ही होते है
वो दिखते है, जैसे भरी महफ़िल में
उसके उलट उनकी नियत होती है
वो कब बदल जाए अपनी बातों से
ये अंदाज़ उनका खौफनाक होता है
हमने देखे जमाने भर में ऐसे सितमगर,
और हमने जाना कि ये किसी के सगे नहीं होते है
मैने तो सिख लिया है सबक सावन
अब इन जैसे चेहरे पे यकीन नहीं होता है।
© सावन
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