#कविता, #नज़्म मेरा आगे बढ़ जाना वाजिब है : सावन अब उनके लिए मेरा कोई आख़िरी भी पैगाम नही है, गए जो छोड़ साथ मेरा, इसका अब अफ़सोस नहीं है अब जो याद आते हैं हमें वो, तो वजह है उनकी बेवफाई, वरना सच कहूं त 24 सितंबर शेयर करें
#नज़्म, #शायरी और ये आखरी नज़्म होगा उनके लिए : सावन और ये आखरी नज़्म होगा उनके लिए रोए, हंसे, जिए, ख्वाब सजाए जिनके लिए, हम बगावत कर के अपने घर में बदनाम हो गए उन्होंने आंसू देखा अपनो का और वो बदल गए, करो 23 सितंबर शेयर करें
#कविता, #नज़्म सब ठीक है : सावन चल रहें है साथ तो समझो की सब ठीक है, दिख रहे है, हम जो तुम्हारे सामने तो सब ठीक है, गर जो सांस लेना ही है सब ठीक होना तो हम ठीक है किसी तरह जिंदगी को जी 20 सितंबर शेयर करें
#नज़्म, #बज्म कुछ सबक बाकी है मेरी जिंदगी में : सावन कुछ सबक बाकी है ज़िंदगी में मेरे कुछ को, कुछ लोगो ने सीखा दिया, हम करते रहे वफ़ा की उम्मीद उनसे उन्होने अपना भी इरादा जता दिया, वो कहते है की वो है मेरे 15 अगस्त शेयर करें
#कविता, #नज़्म Poetry : औरत को आईने में यूँ उलझा दिया गया बखान करके हुश्न का बहला दिया गया औरत को आईने में यूँ उलझा दिया गया बखान करके हुश्न का बहला दिया गया न हक़ दिया जमीन का न घर कहीं दिया गृह स्वामिनी के नाम का रुतबा दिया गया छूती रही जब पाँव 11 अक्टूबर 2 शेयर करें
#कविता, #नज़्म poetry : चलो आज फिर बैठ, फुर्सत मे हम बात करते है, एक दूसरे के दिये दर्दो, का हम हिसाब करते है चलो आज फिर बैठ, फुर्सत मे हम बात करते है, एक दूसरे के दिये दर्दो, का हम हिसाब करते है अपने खुद के गुस्ताख़ीयों का, हम इकबाल करते है चलो आज फिर बैठ, फुर्सत 10 अक्टूबर शेयर करें
#नज़्म, #poetry चलो आज अपने दिल से ही बगावत की जाए,जिसे ये दिल खुदा समझता है उसकी शिकायत की जाए,उल्फत मोहब्बत चलो आज अपने दिल से ही बगावत की जाए, जिसे ये दिल खुदा समझता है उसकी शिकायत की जाए, उल्फत मोहब्बत का दामन छोड़ देते हैं, मयखाने से बाहर चलो अब तिजारत की जाए 21 सितंबर शेयर करें