मै और मेरा सुकून : सावन

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और ये आखरी नज़्म होगा उनके लिए : सावन

तेरी याद और मेरी नींद - सावन

जिसे छोड़ के जाना था उसे मनाऊ कैसे : सावन

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जब बात उठेगी तो दूर तक जायेगी : सावन

मैने बदलते इश्क़ और जज़्बात को देखा :सावन

मेरे लिए वो मेरी पुरी दुनियां होगी : सावन

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अपनी यादों को यूँ ना उलझाओं जनाब : सावन

तन्हाई मे जीये जा रहे है : सावन

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किसी का वक्त और अपनी उधारी किसी से मांगी नही जातीजिसे तुम्हारी फ़िक्र होगी वो दोनो ही.....!

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ताले पर लगा जंग इस बात का गवाह है कि,जाने वाले ने लौट के आने का वादा पूरा नही किया।

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तेरे जाने के बाद कुछ इस तरह चल रहा है मेरे जीने का सिलसिला की...!!

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आधुनिकता के हजारों चांद के बीच वो मेरा चांद कहीं फीका न पड़ जाए...!

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