यूँ बारिश में भीग के न तड़पाओ...
हे! यौवन सुंदरी...
यूँ बारिश में भीग के मुझे न तड़पाओ।
भादो में एक कुँवारे आशिक़ का दिल यूँ न दुखलाओ,
आओ पास मेरे,
बैठो साथ मेरे,
कुछ अपना हाल बतलाओ।
अपने मंद मुस्कान से,
जो कुछ भी है मेरा,
वो सब तुम ले जाओ।
आओ पास तनिक,
अपना हाल सुनाओ।
बिरह की बेला में स्त्री मन तुम बतलाओ,
कुछ जान सकूँ, कुछ सीख सकूँ,
ऐसा कुछ बतलाओ।
आओ पास मेरे,
कुछ तो अपने बारे में बतलाओ।
“धूमिल”
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