#कविता, #नज़्म ये कहना ठीक नहीं होगा कि मेरे बाद मर जाओगी तुम - विनीत ये कहना ठीक नहीं होगा कि मेरे बाद मर जाओगी तुम, आशिक कई हैं तुम्हारे, किसी के घर तो जाओगी तुम, ये इत्तला थी मुझे कि चाहत तेरी म़हज दिखावा थी, मैं डूब गया जि 11 जून शेयर करें
#कविता, #नज़्म दिल में जो भावों से भरा समंदर है, क्या ये कौतुहल सिर्फ़ मेरे ही अन्दर है? - विनीत दिल में जो भावों से भरा समंदर है, क्या ये कौतुहल सिर्फ़ मेरे ही अन्दर है? क्या शब्दों को यूं जोड़ना नाकाफी सा है? ख़यालों की सुनामी को मन में दबा के रखना 04 जून शेयर करें
#कविता, #नज़्म सुनो! मेरी उस कश्ती सी कहानी थी जिसको इस किनारे से उस पार जानी थी - सावन सुनो! मेरी उस कश्ती सी कहानी थी जिसको इस किनारे से उस पार जानी थी कश्ती के माँझी को ये इल्म न था की कश्ती के हालात की क्या कहानी थी उसे तो बस अपने बोझ क 01 जून शेयर करें
#कविता, #नज़्म चाँदनी रात है और जख़्म अभी ताजा है बात कुछ यूँ है की अब वो ना मेरा है.....'सावन' चाँदनी रात है और जख़्म अभी ताजा है बात कुछ यूँ है की अब वो ना मेरा है लाख कोशिशें की अपने रिश्तें को बचाने की पर फैसला उसका है की अब वो ना मेरा है हम हो 31 मई शेयर करें
#कविता, #नज़्म ख्वाबों में आता हर शख्स तू है, मेरी शायरी का हर ज़ख्म तू है....... storyteller vs जो ख्वाबों में आता वो शख्स तू है, मेरी शायरी का हर ज़ख्म तू है| तू मेरा तो नहीं, पर मुझमें शामिल मेरा अक्स तू है| उस डायरी के पन्नों में, दफ़न हुआ मेरा वक् 19 अप्रैल शेयर करें
#एहसास, #कविता जिन सवालों का वजह मै कभी था ही नही, अक्सर मै अब उन सवालों से बचने लगा हूँ - सावन जिन सवालों का वजह मै कभी था ही नही अक्सर मै अब उन सवालों से बचने लगा हूँ जीस भीड ने हमे दरिंदा बनाया अब उस नकाबपोश भरी भीड़ से डरने लगा हूँ इन उजालों मे 18 अप्रैल शेयर करें
#कविता, #नज़्म पूछने वाले पूछा करते हैं, जिम्मेदार मेरे हाल का, अगर ले लूं कभी तुम्हारा नाम, तो क्या हो.... विकास कुमार चौबे पूछने वाले पूछा करते हैं, जिम्मेदार मेरे हाल का। अगर ले लूं कभी तुम्हारा नाम, तो क्या हो।। याद ही होगा वो शाम, जब हम पहली बार मिले थे। अगर फिर आ जाए वो श 04 मार्च शेयर करें
#कविता, #ज़िन्दगी खिलौना हु मै हालातो का, मजबूर हु मैं अपनी आदतों का : सावन खिलौना हु मै हालातो का, मजबूर हु मैं अपनी आदतों का इतना बेरहम ना बन तू ऐ मेरी किस्मत, कुछ तो कदर कर मेरे जज्बतों का, सुना है एक मौका देती है तू हर किसी 08 फ़रवरी शेयर करें
#कविता, #ज़िंदगी तमाम वादों की बुनियाद पर रिश्ता बनाकर, मैंनें लोगों को अक्सर मुकरते देखा है..... शम्भवी शिव तमाम वादों की बुनियाद पर रिश्ता बनाकर, मैंनें लोगों को अक्सर मुकरते देखा है। अच्छे वक्त में मुँह दिखाकर बुरे वक्त में नज़रें घुमा ली, मैंनें रिश्तों को इ 06 फ़रवरी शेयर करें
#बज़्म यूँ बारिश में भीग के न तड़पाओ... हे! यौवन सुंदरी... यूँ बारिश में भीग के मुझे न तड़पाओ। भादो में एक कुँवारे आशिक़ का दिल यूँ न दुखलाओ, आओ पास मेरे, बैठो साथ मेरे, कुछ अपना हाल बतलाओ। अपने म 03 सितंबर शेयर करें