अबकी मिलने आना तो : अमित

अबकी मिलने आना तो
जिम्मेदारियों से थोड़ा वक्त लेकर आना,

अबकी आना तो 
अपने दामन से उनको झटक कर आना
लगाना जिम्मेदारियों को गेटिस
तुम खुली जुल्फ में आना,

अबकी आना तो 
रसोई को खूंटी पर टांग कर आना

चूल्हे, चौके से छुपकर 
दर ओ दीवारों को कानों कान खबर ना हो
ऐसे तुम दलहीज़ लांघ कर आना,

आना तो थोड़ा बातों का मसाला लेकर आना
अबकी आना तो उस बेपरवाह लड़की को लेकर आना
अबकी आना तो खुद को लेकर आना,
अमित ठाकुर


 

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