गुजर तो जायेगी ये ज़िन्दगी : साभार
"गुजर तो जायेगी ये ज़िंदगी बेवजह भी,
मगर ज़िंदा रहने के लिए कोई बहाना चाहिए..
सफ़र चाहे कितना भी खूबसूरत हो,
हर राह के मुसाफिर को एक ठिकाना चाहिए..
लाख वजह क्यों न हो रोने की,
मगर जिद ये हो के मुस्कुराना चाहिए..
नही है ख़ुशी चलो न सही,
कभी गम को भी दिल से लगाना चाहिए..
तुमने कह दिया के ज़िंदा हूँ तो क्या मान लें,
ज़िंदा हो तो ज़िंदा नजर आना चाहिए...!"
'साभार'
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