नसीहत : सावन

तुम्हे इल्म नहीं की हम किस हालातों से गुजर रहे है 
जिम्मेदारी, इश्क़ और ख़्वाब इनके बीच जूझ रहे है 

तुम्हे आसान लगता है मेरी ज़िन्दगी और मेरा किरदार
दर हकीकत ये है की हम तो बस अपना हिस्सा जी रहे है

हमे जो मालूम नहीं है उसे बस जीये जा रहे है 
जो हमे जीना था उसे अपने पीछे छोडे जा रहे है 

वक्त पर कर लो कद्र समय और अपने फैसले की 
जाते जाते तुम्हारे लिए ये नसीहत छोडे जा रहे है


'सावन'

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