तन्हाई मे जीये जा रहे है : सावन
सफ़र मे मिलते है बिछडते है लोग हमसे,
यूँ ही हम आज कल तन्हाई मे जीये जा रहे है
किस्से कहानियों से दिल अब भर चुका है हमारा
हम तो बस अपने सफर का मजा लिये जा रहे है
हकीकत आज कल का बडा ही बेस्वाद है इसलिए
हम हकीकत छुपा के फ़साना ही परोसते जा रहे है....
'सावन'
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