खिलौना हु मै हालातो का, मजबूर हु मैं अपनी आदतों का : सावन

खिलौना हु मै हालातो का, 
मजबूर हु मैं अपनी आदतों का 
इतना बेरहम ना बन तू ऐ मेरी किस्मत, 
कुछ तो कदर कर मेरे जज्बतों का,
सुना है एक मौका देती है तू हर किसी को 
कई रातें गुजार दी हमने बिना नींदो के
कुछ तो हिसाब कर मेरी उन दर्द भरी रातों का
सुन ! वक्त दर वक्त की बात है ऐ जिंदगी
नजरअंदाज कर रही है आज मुझे 
कल तु खुद जायजा लेगी मेरे हालातों का

'सावन'

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