एक नींद की तलाश है हमें एक सुकून की चाह है हमें.....
किसी ने पुछा......
एक नींद की तलाश है हमें
एक सुकून की चाह है हमें
अब मजीद ख्वाहिशे नही है
एक खुशी की तलाश है हमें
बेशक दर्द बेहिसाब सा है
लेकिन कोई शिकवा नही
इन दर्दों से प्यार है हमें
हर सहर गुजरता है तन्हाई में
इस तन्हाई में किसी अपने की तलाश है हमें
मुश्किल है लौट के आना जिसका,
ना जाने क्यू उसी शख्स का इंतजार है हमें
इन शोरो में दबी है आवाज़ मेरी
सुन सके जो मेरी खामोशी,
ऐसे एक हमनशी की तलाश है हमें
'सावन'
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