चाँदनी रात है और जख़्म अभी ताजा है बात कुछ यूँ है की अब वो ना मेरा है.....'सावन'

चाँदनी रात है और 
जख़्म अभी ताजा है 
बात कुछ यूँ है की
अब वो ना मेरा है
लाख कोशिशें की
अपने रिश्तें को बचाने की 
पर फैसला उसका है की 
अब वो ना मेरा है 
हम हो गये थे उसके, 
पहली ही दफा मुलाकात मे 
उम्र भर के लिए दे के दर्द, 
अब वो ना मेरा है 
लिखूँ जो किस्से अपने इश्क़ के तो,
शायद ये रात गुज़र जाए
पर क्या फायदा लिख के दर्दों को,
 जो अब वो ना मेरा है 
करूंगा इंतज़ार मै भी,
उसके सच्चे हमसफ़र का 
देखूंगा की कौन है,
मुझसे ज्यादा वफादार 
उसका, जो अब वो ना मेरा है

'सावन'

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